गुरु पूर्णिमा : रामनगरी अयोध्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, सरयू तट पर भोर से उमड़े श्रद्धालु
स्नान-दान कर श्रद्धालुओं ने मांगा गुरुजनों का आशीर्वाद
मठ-मंदिरों में पूजा, भजन-कीर्तन और सत्संग का हुआ आयोजन।फोटो-प्रतीकात्मक
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व सोमवार को अयोध्या में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। भोर होते ही पवित्र सरयू नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर स्नान-दान किया और परिवार की सुख-समृद्धि व आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।शहर के प्रमुख मठों, मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूजन के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिष्यों ने अपने गुरुजनों के चरण पखारकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा पुष्प, फल, वस्त्र और दक्षिणा अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। दिनभर भजन-कीर्तन, सत्संग, प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा, जिससे पूरा धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा।धार्मिक विद्वानों ने बताया कि सनातन परंपरा में गुरु को ज्ञान का प्रकाश देने वाला तथा ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाने वाला माना गया है। गुरु पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने, सदाचार का पालन करने और समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।प्रशासन की ओर से सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण ढंग से पर्व मनाया। पूरे दिन अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।

