July 26, 2026

रुदौली में सरयू का घटा जलस्तर, पर नहीं घटी चिंता,कछार पर बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बरकरार

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ऊपरी क्षेत्रों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन हाई अलर्ट पर, सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय,कैथी माझा के 100 परिवार अब भी चारों ओर पानी से घिरे, नाव बनी जीवनरेखा,कैथी माझा समेत तटवर्ती गांवों पर चौबीसों घंटे रुदौली तहसील प्रशासन की नजर।

रुदौली,अयोध्या ! सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर में शनिवार को मामूली गिरावट दर्ज होने के बावजूद रुदौली तहसील के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ऊपरी क्षेत्रों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखते हुए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार दोपहर 12 बजे अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर 92.360 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार रात यह 92.430 मीटर था। एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.110 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि जलस्तर में गिरावट का रुख दिखाई दे रहा है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों से भारी जलप्रवाह के चलते प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।विभिन्न बैराजों से वर्तमान में 2,47,920 क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा जा रहा है। इसमें गिरिजा बैराज से 1,17,776 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 3,515 क्यूसेक पानी शामिल है।

यही कारण है कि मांझा क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति अभी भी बनी हुई है।सबसे अधिक परेशानी कैथी माझा गांव के करीब 100 परिवारों को झेलनी पड़ रही है। गांव चारों ओर से पानी से घिरा होने के कारण टापू का रूप ले चुका है।आवागमन का एक मात्र सहारा नाव बनी हुई है। ग्रामीणों को राशन, पशुओं के चारे, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों के सामान के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भर जाने से धान समेत खरीफ की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ के समय यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।तहसील प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में लगातार भ्रमण तेज कर दिया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और मेडिकल सहायता देने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

संवेदनशील गांवों पर विशेष निगरानी

तहसील प्रशासन ने कैथी, कैथी माझा, महंगूपुरवा, सरायनासिर, सल्लाहपुर, अब्बूपुर, मुझेहना और पटरंगा माझा समेत दर्जनभर तटवर्ती गांवों को संवेदनशील घोषित कर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें नियमित भ्रमण कर रही हैं तथा ग्रामीणों को नदी किनारे जाने से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

बाढ़ की स्थिति एक नजर में

अयोध्या में जलस्तर : 92.360 मीटर
एल्गिन ब्रिज : 106.110 मीटर (खतरे के निशान से 4 सेमी ऊपर)
कुल जल डिस्चार्ज : 2,47,920 क्यूसेक
गिरिजा बैराज : 1,17,776 क्यूसेक
शारदा बैराज : 1,26,629 क्यूसेक
सरयू बैराज : 3,515 क्यूसेक
स्थिति : जलस्तर में गिरावट के बावजूद प्रशासन हाई अलर्ट पर, राहत एवं बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद।

जिम्मेदार के बयान

रुदौली तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि जलस्तर में कमी जरूर आई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। नाव, राहत सामग्री, मेडिकल टीम और राजस्व विभाग के कर्मचारी पूरी तरह तैयार हैं। ग्रामीण नदी के कटान वाले क्षेत्रों और गहरे पानी के पास न जाएं तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।

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