बाराबंकी : शत-प्रतिशत उपस्थिति पर खिल उठीं मुस्कानें, शिक्षिका काजल ने चॉकलेट बांट बढ़ाया बच्चों का उत्साह
निजी संसाधनों से लगातार कर रहीं नवाचार, खेल-खेल में पढ़ाई से बढ़ रही विद्यालय की पहचान,समर्पित शिक्षण से सरकारी स्कूल बना प्रेरणा का केंद्र, बच्चों में बढ़ी नियमित विद्यालय आने की रुचि।
आकाश दीप की रिपोर्ट

बाराबंकी ! सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय से जोड़ने की दिशा में विकास खंड मसौली के उच्च प्राथमिक विद्यालय इचौलिया की शिक्षिका काजल वर्मा का प्रयास प्रेरणादायी बनता जा रहा है। शुक्रवार को कक्षा एक के सभी बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होने पर उन्होंने अपनी ओर से प्रत्येक छात्र-छात्रा को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और वे पूरे मनोयोग से पढ़ाई में जुट गए।काजल वर्मा बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने की रोचक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाती हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि लगातार बढ़ रही है। उनके प्रयासों का सकारात्मक असर विद्यालय में नियमित उपस्थिति और बेहतर शैक्षिक वातावरण के रूप में दिखाई दे रहा है।इससे पहले भी काजल वर्मा अपने निजी संसाधनों से विद्यालय के बच्चों के लिए बैठकर पढ़ने की मेजें उपलब्ध करा चुकी हैं। उनके इस सराहनीय योगदान को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने सम्मानित भी किया है।काजल वर्मा का कहना है कि शिक्षक होना केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का दायित्व है। बच्चों को शिक्षित कर उनके व्यक्तित्व का विकास करना ही एक शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनका मानना है कि जब बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय आते हैं और सीखने के प्रति उत्साहित रहते हैं, तभी शिक्षा अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करती है।ग्रामीण अभिभावकों का कहना है कि ऐसे समर्पित शिक्षकों के कारण सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है और बच्चों में नियमित विद्यालय आने की आदत विकसित हो रही है।

