विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएचसी सोहावल ने रचा इतिहास , जिले का पहला पुरुष नसबंदी केस सफल
आशा की काउंसलिंग और स्वास्थ्य टीम की मेहनत लाई रंग,अधीक्षक डा0 आकांक्षा वर्मा के नेतृत्व में मिली सफलता।परिवार नियोजन में पुरुष सहभागिता बढ़ाने का दिया संदेश

सोहावल(अयोध्या) ! विश्व जनसंख्या दिवस-2026 पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सोहावल ने परिवार नियोजन कार्यक्रम में जिले की पहली बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए जनपद अयोध्या का इस वर्ष का पहला नो-स्कैल्पल वैसक्टॉमी (एनएसवी) ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न कराया। सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डा0 आकांक्षा वर्मा के नेतृत्व में मिली यह सफलता पुरुषों की परिवार नियोजन में बढ़ती भागीदारी का सकारात्मक संदेश देने के साथ जिले के लिए एक नई मिसाल बन गई।
विश्व जनसंख्या दिवस के तहत सीएचसी सोहावल में सप्ताहभर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दंपतियों को छोटे परिवार के लाभ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों तथा पुरुष नसबंदी से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आशा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव संपर्क अभियान चलाकर लोगों को परिवार नियोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसका सकारात्मक परिणाम जिले के पहले पुरुष नसबंदी केस के रूप में सामने आया।अधीक्षक डा0 आकांक्षा वर्मा ने बताया कि इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय आशा कार्यकर्ता राधिका को जाता है, जिन्होंने लाभार्थी अभिषेक की प्रभावी काउंसलिंग कर उन्हें एनएसवी के लिए तैयार किया। परिवार नियोजन काउंसलर प्रिया, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक विनय शुक्ला तथा बीसीपीएम नेहा सिंह ने भी लगातार मार्गदर्शन और प्रेरणा देकर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद वरिष्ठ चिकित्सक डा0 ननकू राम ने नो-स्कैल्पल तकनीक से सफल शल्य प्रक्रिया संपन्न की।डा0 आकांक्षा वर्मा ने कहा कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पुरुषों की समान भागीदारी से ही स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार की परिकल्पना साकार हो सकती है। उन्होंने कहा कि जनपद का पहला पुरुष नसबंदी केस सोहावल में होना पूरी स्वास्थ्य टीम की मेहनत, प्रभावी काउंसलिंग और लोगों में बढ़ती जागरूकता का परिणाम है।उन्होंने बताया कि सीएचसी सोहावल भविष्य में भी पुरुष सहभागिता बढ़ाने, परिवार नियोजन संबंधी भ्रांतियां दूर करने और जनजागरूकता अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्व जनसंख्या दिवस पर मिली यह उपलब्धि जिले के परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।

