रामसनेहीघाट क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की बुसिंग फुंकने से अंधेरे में डूबे 120 गांव
भीषण गर्मी में डेढ़ लाख उपभोक्ता रहे परेशान, पेयजल संकट गहराया,एक सप्ताह से जले ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप।

बाराबंकी। विद्युत उपखंड रामसनेहीघाट के पावर हाउस स्थित 10 एमवीए ट्रांसफार्मर की बुसिंग खराब होने से मंगलवार को दलसिंहपुर, मऊ और थोरथिया फीडरों की विद्युत आपूर्ति करीब छह घंटे तक बाधित रही। सुबह लगभग 11 बजे से शाम पांच बजे तक बिजली गुल रहने से करीब 120 गांवों के लगभग डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।बिजली आपूर्ति ठप होने से मऊ, गोरपुर, थोरथिया, सादुल्लापुर, राघोपुर, जोड़ावन पुरवा, मूसेपुर, फतेहगंज, पूरे चिता, लालगंज सहित सैकड़ों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया। बिजली न होने से मोटर और पंप नहीं चल सके, जिससे लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ा। वहीं घरों और दुकानों में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।उधर, बड़ेला, गडरियापुरवा, त्रिवेदीपुरवा और मोहम्मदपुर कीरत गांव के ग्रामीण पिछले करीब एक सप्ताह से जले ट्रांसफार्मर के कारण बिजली संकट झेल रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से नाराज ग्रामीण मंगलवार को मोदी ढाबा के सामने खराब ट्रांसफार्मर के पास एकत्र हुए और विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।

ग्रामीण राय सिंह यादव ने आरोप लगाया कि विद्युत उपखंड के एसडीओ और जेई को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर न बदले जाने से गांवों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।ग्रामीणों ने बताया कि बिजली संकट के कारण पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। भीषण गर्मी में लोग हाथ के पंखों के सहारे दिन बिताने को मजबूर हैं, जबकि रात में गांव अंधेरे में डूबे रहते हैं। बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।प्रदर्शन में राय सिंह यादव, जितेंद्र कुमार, शिवा, मोनू, शाम लाल, राजेश, गुड्डू दादा, राम प्रताप, बबलू, उमेश, टीकाराम, फूलचंद, राम बहादुर, नरेश, सरवन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

