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बाराबंकी : सीडीपीओ का नया बहाना,जांच करने नहीं आ रही सुपरवाइजर

पुष्टाहार कालाबाजारी मामलें को डकारने की तैयारी पूरी, कार्रवाई के नाम पर महज खानापूरी,19 मार्च की रात पकड़ी गई थी कालाबाजारी।

दरियाबाद (बाराबंकी) : दरियाबाद में पकड़ी गई 40 पैकेट पुष्टाहार कालाबाजारी के मामलें में लीपापोती जारी है। सीडीपीओ ने जांच के नाम पर नया बहाना किया है। चार दिन बाद भी जांच के लिए गठित तीन सुपरवाइजरों की टीम नहीं पहुंच सकी। सीडीपीओ कई बार जांच टीम के सदस्यों को फोन कर बुलाने की बात कह रहे, लेकिन उनके न आने से जांच शुरू ही नहीं हो सकी है। सीडीपीओ ने आगनबाड़ी कार्यकर्ता से अब तक सिर्फ चार्ज लेकर दूसरी कार्यकर्ता को दिया है।

दरियाबाद के घड़ियाली मोहल्ला से खरीदकर जानवरों के लिए जा रही 40 पैकेट पंजीरी को मोहल्ले के मुकेश शुक्ला 19 मार्च की रात पकड़ लिया था। पुलिस को बुलाकर पंजीरी व कालाबाजारी कर ले जा रहे व्यक्ति को वाहन के साथ सुपुर्द कर दिया था। तभी से बाल विकास विभाग आगनबाड़ी कार्यकर्ता को बचाने में उतरा हुआ है।इसके लिए वो तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। यही कारण है कि अब तक सिर्फ आगनबाड़ी कार्यकर्ता से चार्ज लेकर दूसरे को दिया गया है। सीडीपीओ अनूप श्रीवास्तव ने बताया क्षेत्रीय सुपरवाइजर से उसी दिन जांच कराई गई, तो उन्होंने बताया था कि 40 पैकेट पंजीरी कार्यकर्ता अपने रिश्तेदार के यहां रखवाया था। वहीं से आ रही थी। लेकिन देर रात में 40 पैकेट पंजीरी कार्यकर्ता के घर से ले जाने पर वो चुप्पी साध गए। उन्होंने बताया कि आरोपी कार्यकर्ता सीमा शुक्ला से चार्ज लेते हुए पटखानी की सुधा देवी को चार्ज दे दिया गया है। तीन सुपरवाइजर प्रेमशीला, माला मिश्र, मंजू वर्मा की जांच टीम गठित की गई है। यह टीम 20 मार्च को ही गठित कर दी गई थी, लेकिन अब तक सुपरवाइजर जांच को नहीं आई है। बराबर उनको फोन कर आने को कहा जा रहा है। शायद कोरोना के डर से वो जांच करने नहीं आ रही है। अब सवाल उठता है कि आखिरकार जांच की आंच में कालाबाजारी की पंजीरी कब तक भूनी जाएगी।

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