बाराबंकी : दरियाबाद की निष्ठा ट्रेनिंग बनी तमाशा,निष्ठा के बजट को डकारने में जुटे जिम्मेदार

दरियाबाद(बाराबंकी) ! दरियाबाद ब्लाक के दुल्हदेपुर में चल रही निष्ठा प्रशिक्षण तमाशा बनी हुई है। यहां पर प्रशिक्षण के नाम पर तमाशा बना हुआ है। मैन्यू के अनुसार न भोजन दिया जा रहा है, न शासनादेश के मुताबिक व्यवस्था है। शिक्षक भी मनमसोस कर रह जा रहे हैं। लेकिन इधर निष्ठा को लेकर शिक्षकों को असंतोष पनप रहा है।

दरियाबाद के दुल्हदेपुर स्थित महाविद्यालय में निष्ठा प्रशिक्षण चल रही है। इस समय प्रशिक्षण का चौथा चरण का दूसरा दिन शुक्रवार को रहा। यहां पर तीसरे चरण के पांचवे दिन वाला ही कमोवेश हाल रहा। यहां पर शासनादेश को ताख पर रखकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां पर मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं बन पा रहा है। बावजूद इसके कोई जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं है। यहां पांच दिवसीय एक चरण के खाने का खर्च डेढ़ लाख है, वहीं अन्य खर्च समेत सवा दो लाख रुपए पांच दिन का शासन से मिला है। शिक्षकों पर खर्च होने को मिले धन का बंदरबांट जिम्मेदार पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। यहां मैन्यू के अनुसार भोजन न देकर सिर्फ मनमर्जी की जा रही है। बतातें हैं कि शुक्रवार को खाना परोसने के लिए वेटर न होने व मैन्यू के अनुसार खाना न होने पर एक शिक्षक ने असंतोष भी जाहिर किया। यहां पर खाना बनाने का कार्य देख रही महिला को मैन्यू के बारे में मालूम है न उसके पास मेन्यू पत्र। यहां तक बतातें हैं कि जिम्मेदार भी मैन्यू से अनभिज्ञ है। जबकि विभागीय जिम्मेदार मैन्यू के अनुसार ही भोजन बनने व शासनादेश अनुसार प्रशिक्षण की बात कहती है।

विभागीय कर्मी बने वेटर –

निष्ठा प्रशिक्षण में शिक्षकों को भोजन कराने के लिये वेटर तक नहीं है। यहां पर विभागीय कर्मी ही वेटर बनकर भोजन परोसते है। जिसको लेकर भी भोजन के वक्त विरोध सामने आया है। प्लास्टिक के डिब्बे में रसगुल्ला भरकर हाथ से परोसने का विरोध शिक्षक द्वारा हुआ।

टपक रहा प्रशिक्षण हाल-

प्रशिक्षण के लिए शासन द्वारा 30 हजार रुपये का बजट है। तीन कमरों में प्रशिक्षण हाल चल रहा है । जिसमे 50-50 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें एक कमरा टपक रहा है। यही नहीं साफ सफाई भी रामभरोसे है।

दीवाल को बनाया पर्दा –

प्रशिक्षण देने के लिए प्रोजेक्टर मशीन है लेकिन पर्दा न होने की वजह से कमरे के दीवाल को ही पर्दा बना दिया गया है। इसी पर प्रोजेक्टर से काम लिया जा रहा है।

यह मिला भोजन :

मेन्यू में भले ही लजीज भोजन हो, परंतु शिक्षकों खिलाया पूड़ी , दाल, आलू मटर की सब्जी, सलाद, रॉयत व मीठे में दो रसगुल्ले गया था। सुबह के नाश्ते में चाय, पकौड़ी, शाम के नाश्ते में चाय बिस्कुट मिला।

यह है शासनादेश के मुताबिक मैन्यू :

सुबह का नाश्ता

पहले दिन: चाय या कॉफी, पोहा, हलवा एवं फैश फ्रूट

दूसरे दिन: कॉफी या चाय के साथ इमरती, पनीर, पकौड़ी एवं फ्रैश फ्रूट।

तीसरे दिन: कॉफी/चाय के साथ हैंडविच, हलवा एवं फैश फ्रूट।

चौथे दिन: कॉफी या चाय के साथ स्प्रिंग रोल, कालाजाम एवं फ्रैश फ्रूट।

पांचवें दिन: कॉफी या चाय के साथ वेज कटलेट, हलवा व फ्रैश फ्रूट।

दोपहर का खाना

पहले दिन : मटर पनीर, छोले, दाल मखानी, मिक्स वैज, रोटी मक्खन, जीरा राइस, बूंदी रायता, पापड़, सलाद, गुलाब जामुन, आचार

दूसरे दिन: शाही पनीर, राजमा, दाल फ्राई, मिक्स वैज, रोटी मक्खन, जीरा राइस, फ्रूट रायता, सलाद, पापड़, आचार, गाजर ड्राई फ्रूट समेत।

तीसरे दिन: कढाई पनीर, मलाई कोफ्ता, मिक्स वैज, रोटी मक्खन, जीरा राइस, बूंदी रायता, सलाद, पापड़।

चौथे दिन: पालक पनीर, कढ़ी पकौड़ा, दाल, मक्खनी, मिक्स वैज, रोटी मक्खन, चावल, फ्रूट रायता, सलाद, पापड़, अचार, मूंग दाल हलवा।

पांचवां दिन: मटर पनीर, मलाई कोफ्ता, मिक्स वैज, रोटी मक्खन, जीरा राइस, सलाद, बूंदी रायता, पापड़, आचार एवं गाजर का हलवा।

शाम का नाश्ता

पहले दिन: ब्रेड पकौड़ा चाय

दूसरे दिन: टमाटो सूप एवं चिप्स

तीसरे दिन: चाय/कॉफी, नमकीन, बिस्किट

चौथे दिन: पेटीज व चाय

पांचवा दिन – समोसा व चाय

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