शहीदों का जातिवार ब्योरा छापने वाली अंग्रेजी पत्रिका ‘कारवां’ की देश भर में निंदा


नई दिल्ली। पुलवामा हमले में मारे गए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के जवानों का जातिवार ब्योरा छापने वाली अंग्रेजी पत्रिका ‘कारवां’ की देशभर में निंदा हो रही है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पत्रिका की इस हरकत को निंदनीय बताया, वहीं सीआरपीएफ ने एक बयान में इसे शहीदों का अपमान बताया है। सीआरपीएफ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जाति, रंग और धर्म के आधार पर घृणित विभाजन हमारे खून में नहीं है। जवानों की पहचान केवल भारतीय के रूप में है। इसके अलावा और कुछ नहीं। पुलिस बल ने इस आपत्तिजनक ब्योरा को छापने वाली पत्रिका से कहा कि वह शहीद जवानों के अपमान की हरकत से बाज आए। जवानों की शहादत को एक अपमानजनक और बकवास लेख का आधार नहीं बनाया जा सकता।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इस खबर की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि देश के जवानों की कोई जाति या धर्म नहीं होता है। ‘कारवां’ पत्रिका ने शहीदों के परिवार वालों से मिलकर जवानों की जाति की जानकारी हासिल की थी तथा इसके आधार पर लेख प्रकाशित किया था। इस लेख का उपयोग पाकिस्तान की मीडिया भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए कर रही है।

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