भारत के दबाव के चलते पकिस्तकन ने हाफिज सईद के संगठन जमात-उत-दावा पर लगाया बैन

पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के बीच गुरुवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक ली. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. पाकिस्तानी वेबसाइट ‘डॉन’ के अनुसार पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जमात-उत-दावा पर बैन लगाया है. इसके साथ ही फलाह-ए-इंसानियत पर भी बैन लगाया गया है. फलाह ए इंसानियत के जरिए हाफिज सईद चंदा उगाहता है. इन दोनों आतंकवादी संगठन का संबंध मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद से है.

बैठक में इन दोनों ही संगठनों को गैरकानूनी करार दिया गया है. गौरतलब है कि इन दो संगठनों से कुछ वक्त पहले ही बैन हटा था. दरअसल, संयुक्त राष्ट्र ने हाफिज सईद को आतंकी घोषित कर उस पर 10 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की. इसके बाद पाकिस्तान ने उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर बैन लगाया था.

लश्कर-ए-तैयबा पर बैन लगने के बाद हाफिज सईद ने आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए जमात-उत-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन बनाए थे. हालांकि जब फाइनंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला तो पाकिस्तान ने जमात-उत-दावा और फलाह-ए-इंसानियत पर बैन लगा दिया. इसके लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आतंकवाद निरोधी अधिनियम 1997 को संशोधित करते हुए अध्यादेश लागू किया था. अक्टूबर 2018 में इस अध्यादेश की अवधि समाप्त हो गई और दोनों संगठनों से बैन हट गया.

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है. दुनिया के लगभग सभी शक्तिशाली देशों ने पुलवामा हमेल को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की है.

Input : News18

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !! © KKC News