कन्हैया कुमार चार्जशीट केस में दिल्ली सरकार को लताड़, अदालत ने कहा फाइल पर अनिश्चित काल तक नहीं बैठ सकते

दिल्ली: कन्हैया कुमार के मामले में अदालत ने दिल्ली सरकार का रवैये की आलोचना की है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह के जो चार्ज लगाए गए हैं उस सिलसिले में दिल्ली सरकार अनिश्चित काल तक फाइल दबा कर नहीं रख सकती है। अदालत ने इस मामले में अगली तारीख 28 फरवरी मुकर्रर की है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वो उन एजेंसियों से कहें कि वो कन्हैया कुमार से जुड़ी फाइल का जल्द से जल्द निस्तारण करे।

इससे पहले अदालत ने सुनवाई में दिल्ली पुलिस को लताड़ लगाई थी कि बिना अनुमति के किस तरह से चार्जशीट फाइल की गई। चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पूछा था कि बिना दिल्ली सरकार की अनुमति चार्जशीट क्यों फाइल की गई। क्या आपके पास लीगल डिपार्टमेंट नहीं है। इस तरह की टिप्पणी के बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को 6 फरवरी तक का समय दिया था। इस संबंध में जो दस्तावेज हैं उसके मुताबिक 14 जनवरी को चार्जशीट फाइल करने से महज दो घंटे पर दिल्ली पुलिस की तरफ से अनुमति मांगी गई थी।

दिल्ली पुलिस ने अपने आरोपपत्र में कहा था कन्हैया कुमार और उनके सहयोगी छात्रों के समूह की अगुवाई कर रहे थे। 9 जनवरी 2016 को जेएनयू में छात्रों की भीड़ में भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। पुलिस ने इस संबंध में उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य के ऊपर भी भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप लगया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र के समर्थन में उस वीडियो का जिक्र किया था जिसमें कन्हैया और उनके समर्थक भारत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे थे।

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