जेल में निलम्बित आईपीएस अरविन्द सेन, 24 घंटे के लिए पुलिस रिमांड पर

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित पशुधन विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले के आरोपी आईपीएस अरविंद सेन (IPS Arvind Sen) को हजरतगंज पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अरविंद सेन को 24 घंटे के लिए हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

पशुपालन विभाग में फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी आईपीएस अरविंद सेन फरार चल रहे थे। सरकार ने लुकआउट नोटिस भी जारी किया था। इसके बाद अभी कुछ दिनों पहले ही अरविंद सेन ने कोर्ट में सरेंडर किया था। इससे पहले भगोड़े आईपीएस अरविंद सेन पर 50 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। इसके अलावा गोमतीनगर के विराटखंड और अयोध्या स्थित आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर डुगडुगी पिटवाई गई थी।

गौरतलब है कि इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया से पशुपालन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर 10 करोड़ रुपए हड़पने के आरोप में कथित पत्रकार एके राजीव, आशीष राय, अनिल राय, पशुधन विकास मंत्री के प्रधान निजी सचिव रजनीश दीक्षित, सचिवालय के संविदाकर्मी धीरज, रूपक राय, उमाशंकर तिवारी समेत कई लोगों के खिलाफ हजरजगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था।

जांच में आईपीएस अरविंद सेन, सिपाही दिलबहार सिंह यादव और अमित मिश्रा का नाम भी सामने आया था। इस फर्जीवाड़े में पिछले साल 13 जून को इंदौर के पीड़ित व्यापारी मंजीत भाटिया ने हजरतगंज कोतवाली में 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी थी। इस मामले की जांच एसटीएफ ने की थी।

अब तक 15 लोगों को जेल भेजा जा चुका है और 11 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। फर्जीवाड़े में नाम सामने आने के बाद से ही अरविंद सेन फरार चल रहे थे। ऐसे में पुलिस ने उनपर 50 हजार का इनाम घोषित किया, घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा की तब जाकर उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया।

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