दलित उत्पीड़न एक्ट के फर्जी मुकदमों में दोषियों पर भी हो कार्यवाई

कानपुर ! एससी/एसटी एक्ट के विरोध में आज सवर्ण स्वाभिमान समिति के तत्वावधान में सैकड़ों की संख्या में सदस्यों ने सरसैया घाट से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अवहेलना करते हुए बिना जांच के एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया जाना पूर्णत: गलत है, जिसका हमारी समिति पुरजोर विरोध करती है।

70 से 80 प्रतिशत एससी/एसटी मुकदमे झूठे

सवर्ण स्वाभिमान समिति की अध्यक्षता कर रहे ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि यह एक्ट जब से आया समाज को बांटने का काम कर रहा है।आंकड़ों में आया है कि 70 से 80 प्रतिशत एससी/एसटी मुकदमे फर्जी होते हैं,जिसमें निर्दोष लोगों का उत्पीड़न होता है।उसके बावजूद संसद ने जो तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान दिया है,जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को मना भी किया,लेकिन लगातार उनकी मनमानी जारी है।इन फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।हाल ही में नोएडा के रहने वाले रिटायर्ड कर्नल वी एस चौहान को एससी/एसटी फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया गया, यह कहां का इंसाफ है।हमारी मांग है कि कर्नल को जिस एडीएम हरिश्चंद ने फर्जी मुकदमे में फंसाया है।उसकी गिरफ्तारी की जाए। साथ ही एससी/एसटी के खिलाफ फर्जी मुकदमे करने वालों पर भी कड़ी कार्यवाई की जाए।जिस तरह से यह काला कानून देश में लागू हो रहा है।उसका दुरुपयोग बढ़ रहा है और इससे सबसे ज्यादा सवर्ण वर्ग प्रभावित होगा।उन्‍होंने कहा आज इस एक्ट के विरोध में प्रदर्शन किया गया है।हम सभी ने सरसैया घाट से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज किया है।यदि हमारी मांग न मानी गयी तो आगे ऐसे ही आंदोलन जारी रहेगा।

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