नेपाल में भीषण तबाही के बाद बिहार-यूपी में बड़ा खतरा, इन जिलों में हाई अलर्ट; अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील
नेपाल में बाढ़ से हुई भीषण तबाही के बाद भारत में भी अलर्ट है। खासकर…
<span class="img-name">नेपाल में जल प्रलय के बाद यूपी-बिहार में हाईअलर्ट। </span> <span class="img-source">Image Source : PTI </span>
नेपाल में बाढ़ से हुई भीषण तबाही के बाद भारत में भी अलर्ट है। खासकर बिहार के 9 जिलों और यूपी के 7 जिलों में हाईअलर्ट जारी किया गया है। बिहार के पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने से बैराज के 36 गेट खोले गए हैं। साथ ही नदी किनारे वाले इलाकों को खाली करवाया जा रहा है। हालात कितने संवेदनशील हैं, उसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि खुद प्रधानमंत्री मोदी अलर्ट मोड में है तो गृह मंत्री अमित शाह भी नजर बनाए हुए हैं। अमित शाह ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दोनों राज्यों में नदियों में संभावित वृद्धि के बारे में बात की। शाह ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने बताया कि मैंने बिहार और यूपी के मुख्यमंत्रियों से इस आपदा के बारे में बात की है।
CM सम्राट चौधरी ने की इमरजेंसी मीटिंग
जब पीएम और गृहमंत्री अलर्ट हैं तो बिहार और यूपी के मुख्यमंत्री भी एक्शन में आ गए हैं। हालात को देखते हुए बिहार के CM सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। उधर, यूपी के सीएम योगी ने महाराजगंज और कुशीनगर जिले में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में नजर रखने का आदेश दिया है। राज्य सरकारों के निर्देश मिलते ही सीनियर अधिकारी मौके पर तैनात हो गए हैं और लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बिहार के इन 9 जिलों में हाई अलर्ट
बिहार के जिन 9 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है उनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली शामिल हैं।
यूपी के कितने जिलों में अलर्ट?
- महराजगंज
- कुशीनगर
- पीलीभीत
- श्रावस्ती
- बलरामपुर
- सिद्धार्थनगर
- गोरखपुर
भारत के लिए बड़ी चुनौती
नेपाल में आई बाढ़ ने एक बार फिर साबित किया है कि हिमालय की आपदा भारत की भी आपदा हो सकती है। फिलहाल सबसे बड़ा खतरा गंडक नदी तंत्र के जरिए बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों पर है। प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन अगले 24 घंटे नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी की निगरानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।नेपाल की भोटेकोशी नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी तंत्र से जुड़ती है। त्रिशूली देवघाट के पास काली गंडकी से मिलकर नारायणी बनाती है और यही नदी भारत में प्रवेश करने के बाद गंडक कहलाती है इसलिए नेपाल में ऊपरी हिस्से में अचानक आया बड़ा जलप्रवाह भारत में सीधे गंडक के जलस्तर पर असर डाल सकता है।
बॉर्डर इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता
नेपाल में आई बाढ़ यूपी के बॉर्डर इलाकों में भी तबाही मचा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा यूपी की गंडक और नारायणी नदी में मंडरा रहा है। दोनों ही नदियों में वाटर लेवल बढ़ने और उफान का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए नेपाल से सटे महाराजगंज और कुशीनगर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीएम योगी ने दोनों जिलों के अधिकारियों को गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी पर नजर रखने और बाढ़ की आशंका के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरतने का आदेश दिया है।अगले कुछ घंटे बिहार और यूपी के लिए बहुत सावधानी बरतने वाले हैं हालांकि खतरे की आशंका वाले जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से पैनिक में नहीं आने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है।वहीं, आपको बता दें कि नेपाल में आपदा से मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 750 यात्री लापता हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय हैं और 37 एनआरआई भी लापता बताए गए हैं।

