August 27, 2026

दिल से सराहना करते हैं”, भीषण बाढ़ संकट के बीच बालेन शाह ने PM मोदी को कहा धन्यवाद

नेपाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने मानवीय मदद…

"दिल से सराहना करते हैं", भीषण बाढ़ संकट के बीच बालेन शाह ने PM मोदी को कहा धन्यवाद

<span class="img-name">बालेन शाह ने PM मोदी का जताया आभार </span> <span class="img-source">Image Source : PTI </span>

नेपाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने मानवीय मदद की पेशकश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। पीएम मोदी ने बुधवार को बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की और नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आपके फोन कॉल और गहरी संवेदनाओं के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के प्रति एकजुटता दिखाने वाले आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और मदद की उदार पेशकश की हम दिल से सराहना करते हैं। एकजुटता का यह भाव हमारे दोनों देशों के बीच दोस्ती के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है, जिन्हें हम बहुत महत्व देते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की और वहां बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर संवेदना व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

तिब्बत से आए सैलाब ने नेपाल में मचाई तबाही

बुधवार सुबह तिब्बत से आया भीषण फ्लैश फ्लड भोटेकोशी नदी में इतनी तेजी से पहुंचा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। लोग रोजमर्रा के काम में जुटे थे, लेकिन कुछ ही देर में सैकड़ों फीट ऊंचा पानी का सैलाब उनके सामने था। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी का बहाव इतना तेज था कि करीब 30 सेकेंड में 2 बड़े बाजारों का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। इस हादसे में अभी तक 98 लोगों की जान जाने की खबर है और मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।सैलाब में घर और दुकानें बह गईं, गाड़ियां डूब गईं और कई इमारतें मलबे के साथ बहती नजर आईं। भोटेकोशी नदी के रास्ते में आने वाला लगभग हर ढांचा इस सैलाब की चपेट में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 पुलिस चौकियों, कई पुलों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़कों और दूसरे जरूरी बुनियादी ढांचे का भी बड़ा हिस्सा तबाह हुआ है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 750 यात्री लापता हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय हैं और 37 एनआरआई भी लापता बताए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लोगों की है।

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