अयोध्या साइबर सेल के दारोगा समेत चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार, सभी निलंबित

अयोध्या साइबर सेल के दारोगा समेत चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार, सभी निलंबित
अयोध्या। साइबर ठगी के एक मामले को रफा-दफा करने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने के आरोप में अयोध्या साइबर क्राइम थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों को राजस्थान के सीकर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने ट्रैप कर गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई से राहत देने के एवज में आठ लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में साइबर क्राइम थाने के उपनिरीक्षक यशवंत सिंह तथा कांस्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, सोहन लाल और गौरव चारक शामिल हैं। मामले की जानकारी मिलते ही अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आठ लाख रुपये मांगने का आरोप
बताया गया कि सीकर के एक युवक के खिलाफ अयोध्या साइबर क्राइम थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज था। आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने आठ लाख रुपये की मांग की। कथित तौर पर चार लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे और शेष रकम लेने के लिए पुलिसकर्मी सीकर पहुंचे थे।
2.80 लाख रुपये के साथ ACB ने पकड़ा
आरोप के मुताबिक, रकम का एक हिस्सा लेकर चारों पुलिसकर्मी कार से अयोध्या लौट रहे थे। इसी दौरान सीकर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रसीदपुरा टोल के पास एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उनकी कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान 2.80 लाख रुपये बरामद किए गए।
ACB की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों पर टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने का प्रयास करने का भी आरोप है। हालांकि एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने चारों को पकड़ लिया।
अयोध्या पुलिस ने चारों को किया निलंबित
राजस्थान में हुई इस कार्रवाई की जानकारी अयोध्या पुलिस अधिकारियों को मिलने के बाद चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की गई। SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने चारों को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है।
एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी के अनुसार, साइबर थाने के एक दारोगा और तीन सिपाही राजस्थान गए थे। वहां किसी मामले से संबंधित नाम निकालने के नाम पर रुपये मांगने की शिकायत सामने आई, जिसके बाद राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप की कार्रवाई की। पुलिसकर्मियों के पास से 2.80 लाख रुपये बरामद किए गए।

अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि साइबर अपराध की जांच के सिलसिले में राजस्थान पहुंची पुलिस टीम पर रिश्वत लेने के ये आरोप कैसे लगे और पूरे मामले में किस-किस की भूमिका थी।
नोट: यह खबर उपलब्ध पुलिस/एसीबी कार्रवाई की जानकारी और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

