August 12, 2026

बिहार : बीते 10 सालों में 5.13 करोड़ लीटर शराब जब्त, 17 लाख से ज्यादा लोग गिरफ्तार

पटना: बिहार में शराबबंदी लागू है। ऐसे में उत्पाद एवं पुलिस विभाग की संयुक्त उपलब्धि रिपोर्ट…

बिहार से चौंकाने वाले आंकड़े, बीते 10 सालों में 5.13 करोड़ लीटर शराब जब्त, 17 लाख से ज्यादा लोग गिरफ्तार

<span class="img-name">बिहार में लागू है शराबबंदी </span> <span class="img-source">Image Source : INDIA TV </span>

पटना: बिहार में शराबबंदी लागू है। ऐसे में उत्पाद एवं पुलिस विभाग की संयुक्त उपलब्धि रिपोर्ट के अनुसार चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। बिहार में बीते 10 सालों में 5.13 करोड़ लीटर शराब जब्त की गई है और 17 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवधि में कुल 11,91,301 मामले दर्ज किए गए हैं।आंकड़े अप्रैल 2016 से जून 2026 तक के हैं। इस अवधि में 17,91,689 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 5.13 करोड़ लीटर शराब जब्त की गई। जो शराब जब्त की गई, उसमें देशी शराब 26432438 लीटर, विदेशी शराब 2,48,80,552 लीटर थी। इस तरह कुल 5,13,12,989 लीटर शराब जब्त की गई।

बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री ने इंडिया टीवी से क्या कहा?

बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने इंडिया टीवी से बात की। उन्होंने कहा, “बिहार में शराबबंदी वापस होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है। सोशल मीडिया पर लोग गलत अफवाह नहीं फैलाएं। राजस्व जुटाने के कई अन्य विकल्प हैं।उन्होंने कहा, “बिहार सरकार अब अवैध शराब पकड़े जाने पर शराब बनाने वाली कम्पनी पर FIR करेगी।मदन सहनी ने केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के गुजरात मॉडल को अपनाने के सुझाव पर कहा, “गुजरात मॉडल की कोई आवश्यकता नहीं हैं, यहां पूर्व CM नीतीश का मॉडल चल रहा है और आगे भी चलेगा। बिहार में शराबबंदी विफल नहीं है।दरअसल दो दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा था, “हम सम्राट चौधरी से कहना चाहेंगे कि गुजरात मॉडल वाली शराबबंदी बिहार में हो।बता दें कि गुजरात में भी शराबबंदी है और उसकी काफी चर्चा भी होती रही है। हालांकि बिहार के लिए मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने साफ कहा है कि गुजरात मॉडल को अपनाने की कोई जरूरत नहीं है।

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) ने क्या कहा?

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) ने ‘इंडिया पॉलिसी फोरम-2026’ कार्यक्रम में बिहार के विकास पर पेश अपनी रिपोर्ट में बिहार की तेज आर्थिक तरक्की के लिए शराबबंदी कानून को खत्म करने की सिफारिश पर कहा, “हमें किसी रिपोर्ट पर अमल करने की आवश्यकता नहीं हैं। शराबबंदी से कितना फायदा हुआ है हमें पता है।हाल ही में खबर सामने आई थी कि वैशाली में 6132 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई।

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