August 11, 2026

सरकार ने रद्द किया डीजल में इथेनॉल मिलाने का प्लान!

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर भले ही सरकार लगातार जोर दे रही हो, लेकिन…

क्या होता है फ्लैश प्वाइंट? जिसकी वजह से सरकार ने रद्द किया डीजल में इथेनॉल मिलाने का प्लान!

<span class="img-name">फ्लैश प्वाइंट की वजह से रद्द हुआ डीजल में इथेनॉल मिलाने का प्लान! </span> <span class="img-source">Image Source : CANVA </span>

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर भले ही सरकार लगातार जोर दे रही हो, लेकिन डीजल में इथेनॉल ब्लेंडिंग का प्लान फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है डीजल का फ्लैश प्वाइंट, जो फ्यूल की सुरक्षा से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण पैमाना है। सरकार ने डीजल और इथेनॉल के मिश्रण का परीक्षण कराया और इसके बाद सुरक्षा मानकों को देखते हुए इस योजना को फिलहाल रोक दिया है

डीजल में इथेनॉल मिलाने पर क्या हुआ?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटरों के जरिए इथेनॉल और डीजल की ब्लेंडिंग का परीक्षण किया था। इस जांच में प्रमाणित प्रयोगशालाओं, ऑटोमोबाइल कंपनियों और तकनीकी संस्थानों की भी मदद ली गई। टेस्ट के दौरान सामने आया कि डीजल में इथेनॉल मिलाने के बाद उसके फ्लैश प्वाइंट में काफी कमी आ जाती है। इसके कारण इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल निर्धारित फ्लैश प्वाइंट मानकों पर खरा नहीं उतर पाया। यही वजह है कि सरकार ने फिलहाल डीजल में इथेनॉल मिलाने की योजना को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।

क्या होता है फ्लैश प्वाइंट?

अब सवाल है कि आखिर फ्लैश प्वाइंट क्या होता है? आसान भाषा में समझें तो यह किसी फ्यूल का वह सबसे कम तापमान होता है, जिस पर उससे निकलने वाली भाप हवा के साथ मिलकर बाहरी चिंगारी या आग के संपर्क में आने पर थोड़े समय के लिए आग पकड़ सकती है। यानी किसी फ्यूल का फ्लैश प्वाइंट जितना कम होगा, कुछ परिस्थितियों में उसके वाष्प को आग पकड़ने का जोखिम उतना बढ़ सकता है।

डीजल के लिए क्यों जरूरी है यह सुरक्षा पैमाना?

डीजल को बड़े टैंकों में स्टोर किया जाता है। इसके अलावा इसे टैंकरों के जरिए लंबी दूरी तक पहुंचाया जाता है और पेट्रोल पंपों पर भी स्टोर किया जाता है। ऐसे में फ्यूल की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इथेनॉल मिलाने के बाद डीजल का फ्लैश प्वाइंट तय मानकों से नीचे जाने की स्थिति में स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और हैंडलिंग के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ सकती है। इसलिए सरकार ने टेस्ट के नतीजों को देखते हुए डीजल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को फिलहाल रोक दिया है।

पेट्रोल में जारी रहेगा इथेनॉल का इस्तेमाल

सरकार पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को तेल आयात पर निर्भरता घटाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम कदम मानती है। लेकिन डीजल के मामले में सुरक्षा मानकों को देखते हुए फिलहाल इथेनॉल की ब्लेंडिंग नहीं की जाएगी।

Discover more from KKC News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading