दिल्ली में बदलने जा रहे तीन नियम, सरकार सदन में पेश करेगी बिल; CAG की दो रिपोर्ट भी पटल पर रखी जाएगी
नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 7 से 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान…
<span class="img-name">दिल्ली विधानसभा। फाइल </span> <span class="img-source">Image Source : PTI </span>
नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 7 से 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान तीन बिल सदन से पास कराएगी। ये बिल पब्लिक सर्विस की समय-सीमा के भीतर डिलीवरी, दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड और बेड-एंड-ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट से संबंधित होंगे। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बिज़नेस एडवाइज़री कमेटी की बैठक के बाद कहा कि दिल्ली विधानसभा अपने मानसून सत्र के दौरान दो CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) रिपोर्ट पेश करेगी और तीन अहम बिल लाएगी।कमेटी ने सर्वसम्मति से तीन दिन के सत्र के लिए विधायी एजेंडा तय किया। इस दौरान सदन ‘दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (ओपन एक्सेस के लिए नियम और शर्तें) (दूसरा संशोधन) रेगुलेशन, 2026’ से जुड़े नोटिफिकेशन और सुधार (corrigendum) पर भी चर्चा करेगा। विधानसभा की बैठक 7, 10 और 11 अगस्त को होगी।
कैग की दो रिपोर्ट पेश करेंगी सीएम रेखा गुप्ता
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (जिनके पास वित्त विभाग भी है) दो CAG रिपोर्ट पेश करेंगी। एक 31 मार्च, 2023 को समाप्त हुए वर्ष के लिए दिल्ली सरकार के खातों पर और दूसरी 2024-25 के लिए राजधानी के राज्य वित्त पर। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद DERC रेगुलेशन से जुड़े नोटिफिकेशन और सुधार पेश करेंगे।स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि बिजली मंत्री आशीष सूद सदन में दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (ओपन एक्सेस के लिए नियम और शर्तें) (दूसरा संशोधन) रेगुलेशन, 2026 से संबंधित नोटिफिकेशन और सुधार (corrigendum) पेश करेंगे। बैठक में डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट, अभय वर्मा (चीफ व्हिप), ओम प्रकाश शर्मा, सोम दत्त, जितेंद्र महाजन और श्री सुरेंद्र कुमार शामिल हुए।
सदन में पेश होंगे ये तीन बिल
पेश किए जाने वाले बिलों में ‘दिल्ली (नागरिकों का समयबद्ध सेवा वितरण का अधिकार) बिल, 2026’ शामिल है, जिसका मकसद ‘दिल्ली (नागरिकों का समयबद्ध सेवा का अधिकार) एक्ट, 2011’ को रद्द करना है। सदन ‘दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड एक्ट, 2010’ की धारा 2(g)(iii) और उसके बाद के 2015 और 2020 के संशोधन एक्ट में बदलाव करने वाले बिल पर भी विचार करेगा।एक और बिल का मकसद ‘नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ़ दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) एक्ट, 2007’ और उसके 2010 और 2021 के संशोधन एक्ट को रद्द करना है।

