August 30, 2026

नेपाल में हाहाकार के बीच हुआ चमत्कार, मलबे में दबी 97 साल की महिला जिंदा निकली ,अब तक 675 मौत

Highlights नेपाल में मलबे से चार घंटे बाद 97 वर्षीय महिला को जिंदा निकाला गया…

नेपाल में हाहाकार के बीच हुआ था चमत्कार, मलबे में दबी 97 साल की महिला जिंदा निकली

<span class="img-name">नेपाल में आई बाढ़ में 97 वर्षीय गुना माया बोहरा को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया था। </span> <span class="img-source">Image Source : AP </span>

  • नेपाल में मलबे से चार घंटे बाद 97 वर्षीय महिला को जिंदा निकाला गया था।
  • रासुवा-भोटेकोशी फ्लैश फ्लड में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 675 पहुंचा, 2,418 लापता।
  • लापता लोगों में 933 जलविद्युत कर्मचारी, 589 विदेशी नागरिक और 104 सुरक्षाकर्मी शामिल।

काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी रासुवा-भोटेकोशी फ्लैश फ्लड के बाद तबाही के बीच इंसानी जज्बे और चमत्कारिक बचाव की कई कहानियां सामने आ रही हैं। इन्हीं में सबसे चर्चित कहानी 97 वर्षीय गुना माया बोहरा की है, जिन्हें 4 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से जिंदा निकाला गया। कीचड़ से पूरी तरह ढकी बुजुर्ग महिला को एक JCB के स्कूप में बैठाकर सुरक्षित स्थान तक ले जाया गया। उनकी तस्वीरें अब नेपाल की इस भीषण आपदा में जिंदा बचने की असाधारण कहानियों का प्रतीक बन गई हैं।

केयर होम के मलबे में दब गई थीं माया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुना माया बोहरा नाम की ये 97 वर्षीय महिला एक केयर होम के मलबे में दब गई थीं। बचावकर्मियों ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें जिंदा बाहर निकाला। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उनके परपोते दीपक ने BBC नेपाली से कहा कि बचाए जाने के बाद वह ऐसी लग रही थीं, जैसे कोई योद्धा युद्ध जीतकर वापस लौटा हो। बता दें कि बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी।

घर टूटने लगे तो पहाड़ों की ओर भागे लोग

बाढ़ की वजह से बस्तियां और घर ढहने लगे तो लोगों को जान बचाने के लिए तुरंत भागना पड़ा। कई लोग सुरक्षित जगह की तलाश में पहाड़ियों की ओर चले गए। कुछ लोगों ने जंगलों में फंसे हुए रात बिताई। वे मदद का इंतजार करते रहे और बचाव दल के पहुंचने के बाद ही सुरक्षित स्थानों तक निकाले जा सके। बाढ़ प्रभावित इलाकों से ऐसे कई लोगों की कहानियां सामने आ रही हैं, जो तेज बहाव में बहने, मलबे में दबने या कई घंटों तक दूरदराज के इलाकों में फंसे रहने के बावजूद जिंदा बच गए।


Image Source : APबचावकर्मियों के साथ 97 वर्षीय गुना माया बोहरा।

नेपाल में 675 मौतें, हजारों अब भी लापता

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा अपडेट के मुताबिक, रासुवा-भोटेकोशी फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है। आपातकालीन टीमें अलग-अलग निचले इलाकों और जिलों में लगातार शव और मानव अवशेष बरामद कर रही हैं। शाम 6:30 बजे तक कुल 2,418 लोग अब भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। आपदा प्रभावित इलाकों में 219 घायल लोगों का इलाज किया गया है या उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

चितवन में सबसे ज्यादा 246 शव मिले

बाढ़ से हुई मौतों में चितवन जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। यहां से अब तक 246 शव बरामद किए गए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व से 165, नवलपरासी पश्चिम से 63, गोरखा से 57, नुवाकोट से 51, धादिंग से 45, तनहूं से 35 और रासुवा से 13 शव बरामद किए गए हैं। बचाव और तलाशी अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों में मानव अवशेष भी मिल रहे हैं, जिनकी पहचान और संबंधित परिवारों तक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। इस बीच नेपाल की सरकार ने भारत द्वारा की जा रही मदद की सराहना की है।

जलविद्युत परियोजना कर्मचारी भी लापता

NDRRMA के अनुसार, लापता या संपर्क से बाहर लोगों में भूमिगत जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 933 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा 589 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने या संपर्क नहीं हो पाने की जानकारी है। विदेशी पर्यटकों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिक भी अब तक लापता बताए गए हैं। आपदा के दौरान ड्यूटी पर तैनात 104 सुरक्षाकर्मी और सरकारी अधिकारी भी संपर्क से बाहर हैं। इनमें नेपाल सेना के 45 जवान, नेपाल पुलिस के 27 कर्मी, कस्टम विभाग के 15 कर्मचारी, सशस्त्र पुलिस बल के 13 सदस्य और इमिग्रेशन विभाग के 4 कर्मचारी शामिल हैं। (PTI और ANI से इनपुट्स के साथ)

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