August 7, 2026

ट्रंप ने मध्यस्थ देशों की लिस्ट से गायब किया पाकिस्तान का नाम, किरकिरी के बाद इस्लामाबाद ने दी ये सफाई

Highlights ट्रंप ने अमेरिका-ईरान तनाव में मध्यस्थ देशों में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। पाकिस्तान…

ट्रंप ने मध्यस्थ देशों की लिस्ट से गायब किया पाकिस्तान का नाम, किरकिरी के बाद इस्लामाबाद ने दी ये सफाई

<span class="img-name">पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। </span> <span class="img-source">Image Source : AP </span>

  • ट्रंप ने अमेरिका-ईरान तनाव में मध्यस्थ देशों में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।
  • पाकिस्तान बोला, हम अभी भी दोनों पक्षों के संपर्क में हैं।
  • इस्लामाबाद ने कहा, संकट में मध्यस्थता से ज्यादा मददगार भूमिका जरूरी होती है।

इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने की कोशिशों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर इस्लामाबाद ने सफाई दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिका-ईरान संबंधों में शांति प्रयासों के लिए खाड़ी देशों की भूमिका की तारीफ की थी, लेकिन इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि वह अब भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता राजदूत ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग देश नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर देखें तो पाकिस्तान, कतर और अन्य सहयोगी देशों की कोशिशें एक समन्वित और मिलकर चलाए जा रहे प्रयास का हिस्सा हैं।

‘पाकिस्तान संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है’

एक पत्रकार ने सवाल किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों में खाड़ी देशों की भूमिका की सराहना की थी, लेकिन पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया। इस पर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान अपनी भूमिका निभा रहा है और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच हालिया तनाव खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े गतिरोध के संदर्भ में था। ऐसे हालात में बातचीत को आगे बढ़ाने और समाधान तक पहुंचाने के लिए सुविधा प्रदान करने वाली भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

‘पाकिस्तान का रोल सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं’

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘मध्यस्थता की बात तब आती है, जब ऐसे मुद्दों को सुलझाना हो जिन पर लंबे समय तक लगातार बातचीत और चर्चा की जरूरत होती है। वहीं, अचानक पैदा हुए गतिरोध और गंभीर संकटों में मददगार और संवाद को आगे बढ़ाने वाली भूमिका ज्यादा जरूरी होती है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका केवल किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक चलने वाले मुद्दों पर पाकिस्तान मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है, जबकि अचानक पैदा हुए संकटों में उसका मुख्य उद्देश्य बातचीत का रास्ता आसान बनाना होता है।

पाकिस्तान और कतर के बीच सहयोग का भी किया जिक्र

ताहिर अंद्राबी ने पाकिस्तान और कतर के बीच सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान-कतर के संयुक्त प्रयासों और प्रस्तावित तकनीकी स्तर की बातचीत के ढांचे में पाकिस्तान की भूमिका को देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों में कई मित्र देशों की साझेदारी शामिल है। उन्होंने ओमान की भूमिका की भी सराहना की। अंद्राबी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र से जुड़े देश के रूप में ओमान ने इस मामले में सकारात्मक और सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आगे भी अपने सहयोगी और साझेदार देशों के साथ मिलकर इन प्रयासों को जारी रखेगा।

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