August 4, 2026

“होइहि सोइ जो राम रचि राखा”, कोर्ट से बरी होने के बाद बोले बृजभूषण सिंह, बताया खुशी का दिन

नई दिल्ली: महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले…

"होइहि सोइ जो राम रचि राखा", कोर्ट से बरी होने के बाद बोले बृजभूषण सिंह, बताया खुशी का दिन

<span class="img-name">बृजभूषण शरण सिंह। </span> <span class="img-source">Image Source : PTI </span>

नई दिल्ली: महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। वहीं कोर्ट के द्वारा बरी किए जाने के बाद WFI के पूर्व प्रमुख और BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। इस फैसले को अपने और अपने समर्थकों के लिए राहत का पल बताते हुए सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा यही कहा था कि अगर अदालत में उन पर लगा कोई भी आरोप साबित होता है, तो वे उसका नतीजा भुगतने के लिए तैयार हैं।

“होइहि सोइ जो राम रचि राखा”

बृजभूषण सिंह ने राजनीति में वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा” (जो होना है, वही होगा, जैसा भगवान राम ने तय किया है)। बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी कानूनी टीम का शुक्रिया अदा किया और कहा कि जब तक वे अदालत का पूरा फ़ैसला नहीं पढ़ लेते, तब तक वे इस पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे।

“आज खुशी का दिन है”

उन्होंने आगे कहा, “पहले दिन, जब मेरा पहला बयान आया था, तो मैंने कहा था कि अगर कोई फ़ैसला या कोई आरोप साबित हो जाता है, तो मैं फांसी लगा लूंगा। आज, कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी कर दिया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी की बात है। आज खुशी का दिन है।” उन्होंने आगे कहा कि भले ही फ़ैसले से राहत मिली है, लेकिन केस पर आगे कोई भी टिप्पणी करने से पहले वह कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतज़ार करेंगे। आज, लगभग तीन साल बाद, कोर्ट ने मुझे और विनोद को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। मैंने हमेशा कमज़ोर लोगों और उनके अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई है। मुझे पूरा भरोसा था कि मुझे न्याय मिलेगा, और मैंने कभी खुद को दोषी महसूस नहीं किया। हम उन जूनियर एथलीटों के लिए लड़ रहे थे जिनके अधिकारों का हनन हो रहा था, और मुझे खुशी है कि हम वह लड़ाई जीत गए।

“किसी को बद्दुआ नहीं दूंगा”

बृजभूषण सिंह ने कहा, “मैं आज किसी को बद्दुआ नहीं दूंगा, लेकिन सब जानते हैं किसने क्या किया है? अगर भगवान राम के खिलाफ मंथरा और कैकई ने साजिश नहीं की होती तो भगवान राम केवल अयोध्या के राजा ही रह जाते। लोग ऐसे आरोपों में आत्महत्या कर लेते हैं, जहर खा लेते हैं, लेकिन मेरा संबल बना रहा। मुझे शुरू से मालूम था, इसलिए मेरे चेहरे पर पहले भी मुस्कान रहती थी। लोगों को अहंकार लगता था, लेकिन मुझे और मेरे परिवार को पता था।” उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष का क्या है, हमारा विपक्ष कभी महिलाओं के पीछे कभी Gen-Z के पीछे, कभी एथेनॉल के पीछे रहता है। ये तो पीछे से वार करने वाले हैं।वहीं दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर ब्रृजभूषण सिंह के बेटे कर्ण भूषण ने कहा, “आज न्याय मिला इस बात की बहुत खुशी है। आज जमकर जश्न मनेगा, मीडिया भी आमंत्रित है। न्यायालय के फैसले से न्याय हुआ है।”

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