रुदौली में दूसरी की जमीन पर बारात घर निर्माण, नगर पालिका की लापरवाही से फंसी लाखों की योजना
स्वामित्व जांच और सीमांकन के बिना शुरू हुआ निर्माण,आपत्ति के बाद राजस्व अभिलेखों की पड़ताल में खुली पोल,उच्च न्यायालय के आदेश पर काम ठप, खर्च हुए सरकारी धन की जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल।

फोटो कैप्शन ! विवादित की भूमि पर शुरु हुई निर्माणाधीन बारात घर
अयोध्या ! नगर पालिका परिषद रुदौली द्वारा महा ऋषि बाल्मीकि नगर वार्ड में लगभग 30 लाख रुपये की लागत कराए जा रहे बारात घर निर्माण को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। आरोप है कि बिना भूमि स्वामित्व की स्पष्ट जांच और सीमांकन कराए ही लाखों रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।अब भूमि विवाद सामने आने के बाद काम पूरी तरह ठप हो गया है।बताया जाता है कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था, उस पर एक स्थानीय व्यक्ति ने अपना स्वामित्व जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। शिकायत के बाद राजस्व अभिलेखों की जांच शुरू हुई तो स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति स्पष्ट होने लगी। सवाल यह उठ रहा है कि निर्माण से पहले न तो विधिवत सीमांकन कराया गया और न ही दस्तावेजों की समुचित पुष्टि की गई।अब तक निर्माण पर काफी धन खर्च हो चुका है। ऐसे में यदि न्यायालय का निर्णय नगर पालिका के खिलाफ जाता है तो सरकारी धन की जिम्मेदारी तय करना चुनौती बन जाएगा।उधर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय के आदेश पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
बारात घर के निर्माण में रोड़ा आने से नगरवासी निराश
महा ऋषि बाल्मीकि नगर वार्ड में प्रस्तावित बारात घर का निर्माण भूमि विवाद के चलते रुक जाने से नगरवासियों में निराशा है। लोगों का कहना है कि सामुदायिक कार्यक्रमों व विवाह समारोह के लिए यह भवन बेहद आवश्यक था। निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद जगी थी, लेकिन विवाद के कारण काम ठप होने से योजना अधर में लटक गई है। नागरिकों ने शीघ्र समाधान निकालकर निर्माण दोबारा शुरू कराने की मांग की है।

