अयोध्या : पंच परमेश्वरों का दरबार लगता नही और भवनों का निर्माण जारी

देख-रेख के अभाव में कही भवन जर्जर तो कही बन गया भैसों एक तबेला

मवई ब्लॉक में धन की बर्बादी की इबारत लिख रहे कई पंचायत भवन।

मवई(अयोध्या) ! ग्रामीणों की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों के केंद्र के रूप में स्थापित किए गए पंचायत भवन और मिनी सचिवालय गंवई सरकार व अधिकारियों की घोर उदासीनता के चलते अपने उद्देश्यों से भटक गए है।आलम ये है कि देख रेख के अभाव में कुछ पंचायत भवन जर्जर हो गई तो कुछ भैसों का तबेला बन गया।कुछ में वर्षो से ताले लगे है।इन भवनों मेें पंचायत सचिव और ग्राम सभा के जिम्मेदार कभी बैठना ही नही पसंद करते।और सरकार द्वारा एक बार पंचायतों में नए भवनों का निर्माण शुरू करा दिया गया।यही कारण है ग्रामीणों को अपनी समस्या सुलझवाने के लिए काफी दूर स्थित पंचायत सचिव के आवास पर जाकर मिन्नतें करनी पड़ती हैं।
बता दे कि मवई ब्लॉक सहित जिले व प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में पूर्ववर्ती सरकारों की ओर से ग्राम पंचायतों की बैठक, प्रशासनिक कार्य, ग्रामीणों को गांव में ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत भवन की स्थापना कराई गई थी।पंचायत भवनों में कार्य सुचारू रूप से हों इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारियों का नियमित रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य होने का भी आदेश जारी हुआ।लेकिन मवई ब्लॉक में ये सब कागजों पर होता रहा।न कभी गांवो में खुली बैठक हुई न ही पंचायत भवनों में पंचों व अधिकारियों का दरबार ही सजा।यही कारण है कि मवई ब्लॉक में पूर्व से बने 22 पंचायत भवन में से 3 भवन जर्जर होकर धीरे धीरे कंडम घोषित कर दिए गए।हिंदुस्तान ने उमापुर सेवढारा व महमदवापुर गांव में बने पंचायत भवनों का हाल देखा।तो स्थित काफी खराब है।

विवादित भूमि पर बने पंचायत भवन आज तक नही खुल सका ताला

मवई ब्लॉक के सेवढारा ग्राम पंचायत के में प्रधान व सचिव की हठधर्मिता से एक पंचायत भवन वर्षो पहले विवादित भूमि पर बना दिया गया।आलम ये हुआ कि जब से वो भवन बना आज तक उसका ताला तक नही खुल सका।और इस तरह सरकार का लाखों रुपये बर्बाद हो गया।

32 भवनों का शुरू हुआ नवनिर्माण

अपनी उद्देश्यों से भटकी पंचायत भवन की योजना को एक बार फिर शासन गांवो में बनाने का आदेश दिया है।मवई ब्लॉक में भी मनरेगा कन्वर्जन से 32 भवन बनने है।25 भवनों का निर्माण शुरू हो गया।इसके निर्माण में सभी जगह शुरुवाती दौर में ही मानकों की अनदेखी की जा रही है।इतना ही नही कुछ ग्राम प्रधान जान बूझकर विवादित भूमि पर निर्माण शुरू करवाया।और विवाद के कारण उसका निर्माण भी रुक गया।मवई ब्लॉक में ऐसे चार भवन है जिसके निर्माण पर रोक लगी है।कई भवनों के निर्माण में पुलिस व राजस्व कर्मियों का भी हिसाब किताब हो रहा है।

“पंचायत भवनों पर समय समय पर बैठके करवाई जाती है।हां ये सही कुछ भवन पुराने होकर जर्जर हो गई।नए 32 भवनों का निर्माण शुरू कराया गया है।पुराने भवनों का सौन्दरीकरण कराया जाएगा।”
विकास चंद्र दूबे एडीओ पंचायत मवई

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