अयोध्या : तमसा के तर्ज पर बिसुही नदी का भी हो रहा कायाकल्प- डीएम

अकेले समदा झील के सौन्दर्यीकरण में 1000 से अधिक लोगों को मिला रोजगार

अयोध्या। जनपद के सोहावल तहसील क्षेत्र के भिटौरा, कोला व मोइया के 56 हेक्टेयर भू-भाग में फैली समदा झील का 40 लाख की लागत से हो रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया।गुरुवार को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने सोहावल तहसील क्षेत्र के भिटौरा, कोला व मोइया के 56 हेक्टेयर भू-भाग में फैली समदा झील का 40 लाख की लागत से हो रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का निरीक्षण किया। झील के आस-पास के 5 किलोमीटर क्षेत्र में आने वाले ग्रामों के 1014 मनरेगा जाॅब कार्डधारी श्रमिकों के द्वारा काम करने की बात कही। श्री झा ने बताया कि सभी झीलों/तालाबों पर हो रहे कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से रोजाना मैनेजमेंट करने हेतु एक जनपद स्तरीय अधिकारी व एक इंजीनियर को लगाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दे दिया गया हैं।जिलाधिकारी ने समदा झील में विदेशी पक्षियों के बसेरे हेतु वन विभाग द्वारा बनाए गए सभी 27 टीलों पर बरगद, पीपल, पाकड़, जंगली बबूल, पलाश / ढाख आदि के वृक्षों को रोपित / सीडिंग कराकर उसे सुंदर बनाने के निर्देश दिये। झील के चारों तरफ 3 मीटर ऊंचाई व 8 मीटर चैड़े बांध का निर्माण किया जा रहा है जिसका आधार 12 मीटर होगा। बंधे की कटान को रोकने हेतु इस पर भी पीपल, बरगद, पाकड़ आम, नीम, महुआ, पलास, जामुन, सहिजन आदि जैसे फलदार / छायादार वृक्षों के बीजों की सीडिंग कराएं या वृक्षों को रोपित करने के साथ-साथ झीलों / तालाबों में वर्ष भर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आसपास के नहरों नालों को भी जोड़ने के भी निर्देश दिये। उन्होंने सम्बन्धित ग्राम पंचायतों में नियमित आय के श्रोत को बनाने हेतु इसमें मत्स्य पालन, कमलगट्टा उत्पादन आदि पर भी कार्य करने के निर्देश दिये।जिलाधिकारी की प्रेरणा से परियोजना निदेशक, जिला ग्राम विकास अभिकरण द्वारा समदा झील को गोद लिया गया है जिसके दृष्टिगत इनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से रोजाना सौंदर्यीकरण के कार्यों में प्रगति की मानिटरिंग/स्थलीय निरीक्षण भी किया जाता है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण कल-कारखाने के बन्द होने से लोगों के पास रोजगार के साधनो के आभाव कारण काफी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का जनपद में आगमन हुआ। ऐसे सभी प्रवासियों का भी जाॅब कार्ड जारी करके इन्हे भी मनरेगा के कार्य में लगाया गया, जिससे जनपद में रोजाना लगभग 1 लाख मानव दिवस सृजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद का एक बड़ा और अच्छा कार्य जनपद की 34 बड़ी झीलों / तालाबों, समदा, सिरसा, कांदी, कन्जी, सुरवारी आदि के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है इससे जल संचयन का महत्वपूर्ण कार्य तो हो ही रहा है साथ ही यह वातावरण संतुलन में भी सहायक है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जनपद में तमसा नदी के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हुआ था, उसी तर्ज पर इस वर्ष बिसुही नदी के सौंदर्यीकरण का भी कार्य किया जा रहा है जो जनपद के तीन ब्लॉकों के 29 ग्राम पंचायतों से होकर प्रवाहित हो रही है इसके अतिरिक्त 34 झीलों/तालाबों के सौंदर्यकरण हेतु चयनित किया गया है जिसमें से 32 पर इस समय मनरेगा द्वारा कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद की 774 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हो रहे 1764 कार्योें में आज 31,142 प्रवासी श्रमिकों सहित कुल 86,143 मजदूरों द्वारा कार्य किया जा रहा है जबकि जनपद में 22 अप्रैल से अब तक कुल 14,45,894 मानव दिवस मनरेगा के तहत सृजित हो चुके हैं।निरीक्षण के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कमलेश कुमार सोनी, उप जिलाधिकारी, सोहावल ज्योति सिंह, उपायुक्त, मनरेगा नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, तहसीलदार, सोहावल विजय कुमार सिंह, खण्ड विकास अधिकारी, सोहावल मोनिका पाठक सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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