August 30, 2025

अयोध्या : मनरेगा घोटाले के आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई में बीडीओ ने किया खेल,संस्तुति से पूर्व ही दर्ज हुई एफआईआर

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डीसी मनरेगा ने बताया बीडीओ की मनमानी,पूर्व बीडीओ के विरुद्ध भी दर्ज होगी एफआइआर -मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार

मिल्कीपुर(अयोध्या) ! जनपद की महती योजना तमसा जीर्णोद्धार के मनरेगा घोटाले में आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही में खंड विकास अधिकारी अमानीगंज ने बड़ा खेल कर दिया है।जबकि विधिक राय में जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा जिलाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासखंड अमानीगंज के ग्राम अमावा सूफी में एक नाबालिग व्यक्ति आकाश का दो जॉब कार्ड संख्या 519, 520 व राम कुमार नामक व्यक्ति का दो जॉब कार्ड 533, 534 तथा एक ही परिवार के जिया लाल पुत्र रामसरन, निरंजन पत्नी जियालाल सहित छह परिवारों के कई सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर कुल 99890 रुपए का गबन किया गया है।जिला शासकीय अधिवक्ता की विधिक राय के मुताबिक ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद व ग्राम प्रधान महेश तथा तकनीकी सहायक रमेश कुमार से बराबर बराबर रिकवरी किया जाना न्यायोचित होगा और दायित्वों की घोर लापरवाही में दोषी लेखा सहायक मनरेगा प्रेम मौर्य व तत्कालीन खंड विकास अधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव, दैनिक कंप्यूटर ऑपरेटर राम धीरज व ग्राम प्रधान महेश के साथ ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया जाना न्यायोचित बताया गया है। यह रिपोर्ट 6 मई को जिलाधिकारी/ जिला कार्यक्रम समन्वयक को शासकीय अधिवक्ता द्वारा प्रेषित किया गया था ।डीसी मनरेगा नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी ने बताया कि खंड विकास अधिकारी विकास सिंह ने बिना संस्तुति के ही प्रथम सूचना रिपोर्ट बीते 7 मई को दर्ज करा दिया। जबकि उन्हें संज्ञान में दूसरे दिन लिया गया। वहीं जिलाधिकारी व डीसी मनरेगा द्वारा खंड विकास अधिकारी को लिखे गए पत्र में पांच लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति दी गई है।डीसी मनरेगा ने बताया कि जल्दबाजी में खंड विकास अधिकारी ने विकास कुमार सिंह ने इन्हीं चार लोगों के विरुद्ध ही मुकदमा पंजीकृत करवा दिया। जबकि खंड विकास अधिकारी विकास सिंह ने स्वीकार किया कि विकासखंड में पैसा विकास खंड लेखाकार व वीडिओ के डोंगल लगाने के बाद ही जॉब कार्ड धारकों के खातों में स्तांतरित किया जाता है। यदि वीडियो की बात पर भरोसा करें तो जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा पूर्व वीडिओ पीयूष मोहन श्रीवास्तव के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराने की बात न्याय संगत रूप में लिखी गई है। परंतु मजे की बात यह है कि एफ आई आर में पूर्व बीडीओ व लेखाकार का कहीं नाम ही नहीं है । इस संदर्भ में सीडीओ प्रथमेश कुमार ने बताया कि त्रुटि बस दो पत्र जारी हो गया था,जिसमें अलग-अलग दिनों की दिनांक पड़ गई है ,लेकिन पूर्व खंड विकास अधिकारी अमानीगंज पीयूष मोहन से स्पष्टीकरण मांगा गया है, यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहेगा तो उनके विरुद्ध भी अलग से एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी।

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