अयोध्या : कागजी ड्रेन सफाई में फंसे सिंचाई विभाग के इंजीनियर,एक्सईन व दो जेई पर लटकी तलवार

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खबर वरिष्ठ पत्रकार आनंद मोहन पांडेय की पेज से

अयोध्या : सिंचाई विभाग का ड्रेन घोटाला लगभग 90 लाख रुपये का बताया जा रहा है। धनराशि फरवरी में अंतिम सप्ताह ड्रेन की सफाई के लिए मिली थी। विभागीय इंजीनियरों ने नियोजित तरीके से इसके घोटाले की जमीन अनुबंध के माध्यम से चहेते ठेकेदारों के नाम पर तैयार की। शासन से आई जांच टीम को मौके पर आधे अधूरे काम मिले हैं। टीम में आठ ड्रेन की सफाई को चेक किया। ग्रामीणों का बयान भी कलम बंद किया। टीम अपने साथ अभिलेख भी लेती गई है एक्सईन मनोज सिंह,दो एई प्रदीप गुप्त,पवन कुमार एवं दो जेई एसके सोनी व डीसी शेखर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आसार बढ़ गए हैं।
टीम की जांच में लगभग साफ हो गया कि सांसद लल्लू सिंह की मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद विभाग ने बचाव में ड्रेन की सफाई शुरू कराई। प्रमुख सचिव टी वेंकटेश ने विभागाध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव को जांच टीम गठित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा था। जांच टीम के साथ में अभिलेख ले जाने से हड़कंप मचा हुआ है। अधीक्षण अभियंता एकादश मंडल संतोष कुमार सिंह ने जांच टीम वापस होने की जानकारी दी है।ठेकेदार ड्रेन की सफाई जेसीबी से कराने में लगे हैं। अमानीगंज की ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों ने विरोध भी शुरू कर दिया है।कई ठेकेदारों को जेसीबी वापस बुलाने को मजबूर होना पड़ा। विभागीय सूत्रों का कहना है की 25 मार्च को लाॅकडाउन प्रभावी हो जाने से ड्रेन सफाई के लिए आई धनराशि विभाग को सरेंडर कर देना था। पर ऐसा बंदरबांट करने के लिए जानबूझकर नहीं किया गया।सिंचाई विभाग के निर्माण खंड का एक बाबू पर भी ठेकेदार अंगुली उठा रहे है यह बाबू सोहावल क्षेत्र का बताया गया है। आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति के नाम ठेकेदारी में पंजीकरण करा बीते वित्तीय वर्ष 2019-20 में कई लाख का भुगतान कराया है। ठेकेदार लिपिक के गांव के ठेकेदार के भुगतान की गई धनराशि के कार्यों की जांच कराने की मांग करने लगे हैं।

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