यूपी : मदरसे से बरामद हुए पिस्टल-तमंचे,छह लोग हिरासत में,तालीम की आड़ में हथियार की सप्लाई

बिजनौर ! मदरसे में अवैध हथियारों के तस्करों के रुकने की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। छापे में दवाइयों के खाली डिब्बों में छिपाकर रखी गयी 32 बोर की पिस्टल-मैगजीन, चार तमंचे व भारी संख्या में कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने 6 लोगो को हिरासत में लिया है। पुलिस ने मोहल्ला नौंधना में एक घर मे भी छापे मारी की, लेकिन वहां से पुलिस को कुछ बरामद नही हुआ। गृह स्वामी फरार हो चुका था।सीओ कृपाशंकर कन्नौजिया ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह करीब 11 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि कंदला मार्ग स्थित मदरसा दारुल कुरआन हमीदिया में बाहर से लोग आते है जो कि अवैध शस्त्रों की तस्करी करते है। सूचना पर थानाध्यक्ष संजय कुमार, एसआई रामचंद्र, नगर इंचार्ज जितेंद्र कुमार सहित पुलिस बल के साथ मदरसे में छापा मारा। वंहा मौजूद लोगों ने मोबाईल पर किसी से बात करनी चाही। इस बीच एक महिला वहां से बाहर निकल गयी। पुलिस ने सबके मोबाईल कब्जे में लेकर मदरसे की तलाशी ली तो वहां एक अलमारी में दवाई के 100 से 150 डिब्बे रक्खे थे। तलाशी लेने पर इन डिब्बो में से एक पिस्टल 32 बोर, दो मैगजीन, 8 कारतूस,एक तमंचा 32 बोर इसके 16 कारतूस, तीन तमंचे 315 बोर व इनके 25 कारतूस बरामद हुए। साथ ही एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की। सीओ के मुताबिक पुलिस ने मौके से मदरसा संचालक मोहम्मद साजिद समेत छह को हिरासत में लिया है। इनमें एक बिहार का है, जबकि शेष स्थानीय हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मोहल्ला नौंधना में आरिफ के घर छापामारा, परन्तु पुलिस को वंहा से कुछ नही मिला। सीओ का कहना है कि मदरसे से जो महिला निकली थी उसने उसे फ़ोन कर छापे की सूचना दे दी जिससे वह फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि आरिफ तांत्रिक का कार्य करता है जिसकी आड़ मे अवैध हथियार का काम करता है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

तालीम की आड़ में किसे सप्लाई किए जा रहे थे हथियार

मदरसे से हथियार बरामदगी को लेकर जहां हर कोई हैरान है, वहीं पुलिस के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, कि आखिर तालीम की आड़ में यहां से हथियार किन्हें सप्लाई किए जा रहे थे। सीओ अफजलगढ़ के मुताबिक इस संबंध में हिरासत में लिए लोगों से पूछताछ की जा रही है।कंदला मार्ग स्थित मदरसा दारुल कुरआन हमीदिया में सीओ अफजलगढ़ कृपाशंकर कन्नौजिया के नेतृत्व में हुई छापेमारी से हड़कम्प मच गया। छापेमारी में अवैध हथियार बरामद होने से हर कोई हैरान था। सीओ के अनुसार इस दौरान यहां मदरसा संचालक मोहम्मद साजिद पुत्र अब्दुल हमीद निवासी मोहल्ला मनिहारान शेरकोट, फईम पुत्र अजीजुर्रहमान व अजीजुर्रहमान पुत्र अफजल हुसैन निवासी मोहल्ला शेखान स्योहारा, सिकंदर अली पुत्र नूर इलाही ग्राम मनोहरवाली थाना अफजलगढ़, मोहम्मद साबिर पुत्र इकबाल निवासी ग्राम काकन बिहार तथा जफर इस्लाम पुत्र अब्दुल लतीफ निवासी मोहल्ला अफगानान धामपुर को हिरासत में लिया। इन लोगों में सिकंदर और साबिर यहां मदरसे में शिक्षक हैं। फईम, अजीजुर्ररहमान व जफर इस्लाम ने मदरसे में संचालक से मिलने आने की बात कही। ये हथियार कहां से आते थे और किन्हें सप्लाई होते थे, इस बारे में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।पहले ही सूचना मिलने से फरार हुआ तांत्रिक आरिफसीओ कृपाशंकर कन्नौजिया की मानें तो अवैध हथियारों की तस्करी से मोहल्ला नौधना निवासी तांत्रिक आरिफ जुड़ा हुआ है। उसके यहां छापा मारा तो वहां कुछ नहीं मिला और वह फरार हो चुका था।सीओ के मुताबिक मदरसे में छापे के दौरान वहां से एक महिला निकल गई थी, जबकि वहां मौजूद मिले अन्य सभी लोगों के मोबाइल उन्होंने अपने कब्जे में ले लिए थे। सीओ ने आशंका जताई कि मदरसे से जो महिला निकली थी, उसने मोहल्ला नौधना में आरिफ को फोन कर छापे की सूचना दे दी, जिससे वह फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि आरिफ तांत्रिक का कार्य करता है, जिसकी आड़ में अवैध हथियार का काम करता है। मदरसे में 21 बच्चे ले रहे शिक्षापुलिस ने जब मदरसे में छापेमारी की तो मदरसे में उस समय नौ से 12 वर्ष आयु के आठ-दस बच्चे ही मौजूद थे। इन बच्चों को पुलिस ने एक अन्य कमरे में बैठा दिया और कमरों की तलाशी ली। बताया जाता है कि मदरसे में कुल 21 बच्चे शिक्षा ले रहे है। इनमें अधिकांश बच्चे बिहार के हैं और करीब सात बच्चे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से संबंध रखते हैं।बरामद गाड़ी पर लिखे स्लोगन से गुमराह करने की कोशिशपुलिस ने मदरसे से जो गाड़ी बरामद की है। उस पर ‘हारे का सहारा श्याम खाटू हमारा लिखा हुआ था। माना जा रहा है, कि इस गाड़ी पर यह लिखकर भी गुमराह करने की कोशिश की गई है। पुलिस के मुताबिक गाड़ी का रजिस्ट्रेशन काशीपुर उत्तराखंड में किसी मोहम्मद सलीक के नाम है। गाड़ी के असली मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है।बिहार से संबंध की हो रही पड़ताल : सीओसीओ कृपा शंकर कनोजिया का कहना है कि इस मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है। कहते हैं कि बिहार में ही अक्सर देसी हथियारों की खरीदारी की जाती है। मदरसे से जो शिक्षक हिरासत में लिया गया है, वह बिहार से ही संबंध रखता है। ऐसे में मामले की पूरी जांच हो रही है। स्लोगन लिखी कार के बारे में कहा कि अभी इस गाड़ी के असली मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।

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