बुलंदशहर गोहत्‍या में पकड़े गए चार मुस्लिमों को पुलिस ने बताया बेकसूर

बुलंदशहर मामले की जांच कर रही एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने मंगलवार को ही 3 अन्य लोगों को गोहत्या के आरोप में हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों के नाम काला, नदीम और रईस हैं। पुलिस ने नदीम के पास से उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी बरामद की है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का दावा है कि उन्होंने एक वाहन और गोवंश को काटने में इस्तेमाल हुआ चाकू भी सीज किया है।

आरोप है कि इस वाहन में ही गोवंश के अवशेषों को ले जाया गया था। गिरफ्तार किया गया आरोपी काला 2 साल पहले भी गोहत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर है।

बुलंदशहर के स्याना इलाके में भड़की हिंसा के करीब 2 हफ्ते बाद पुलिस ने गोहत्या के आरोप में पकड़े गए 4 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को कहा कि पकड़े गए चारों आरोपी बेगुनाह हैं और वह जल्द ही उनकी रिहाई के लिए कोर्ट जाएंगे।

बजरंग दल के नेता योगेश राज ने गोहत्या के आरोप में सर्फुद्दीन, साजिद, आसिफ और नन्हे के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज करायी थी। जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन अब जांच के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।

बुलंदशहर के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि “प्रथम दृष्टया, जो चारों आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, वह सभी निर्दोष हैं। अन्य जानकारियों को वेरीफाई करने के बाद हम उनकी रिहाई के लिए कोर्ट जाएंगे।”

बीते 3 दिसंबर को स्याना इलाके में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक स्थानीय युवक सुमित कुमार की मौत हो गई थी। हिंसा के आरोप में बजरंग दल के नेता योगेश राज समेत कई हिंदूवादी नेता आरोपी हैं।

फिलहाल हिंसा के बाद से ही योगेश राज फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस ने बुलंदशहर हिंसा के मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार ने बुलंदशहर हिंसा के बाद तत्कालीन एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह का तबादला कर दिया था।

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