विहीप की धर्मसभा से पहले मुस्लिम इलाकों में भारी शांति, कई परिवारों ने छोड़ा घर

अयोध्या ! अयोध्या में पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद रविवार को होने जा रहे विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) की धर्मसभा से पहले वहां के मुस्लिम बहुल इलाकों में एक डरावना माहौल है। राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि बड़ी तादाद में वीएचपी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा होना दशकों पुराने 1992 की यादों का ताजा कर रहा है जब मस्जिद ढहा दी गई थी।

खौफ में मुस्लिम बहुल इलाकों के लोग

उन्होंने कहा कि यही वजह है जिसके चलते रामनगरी के आलमबाग कटरा इलाके में रहनेवाले ज्यादातर मुस्लिम परिवार अपनी महिलाओं और बच्चों के साथ सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। इकबाल अंसारी ने कहा कि अल्पसंख्यकों में विश्वास बहाली के लिए एक रास्ता है कि यह पर अर्धसैनिकों की तैनाती की जाए।वीएचपी पैदल मार्च और मोटर साइकिल रैली करने जा रहा है अयोध्या और उसके आसपास के जिलों में मुस्लिम इलाकों से होते हुए गुजरेगा। अंसारी ने कहा- “इन कार्यकर्ताओं की तरफ से भड़काऊ टिप्पणी से अन्य समुदाय के लोग भड़क सकते हैं।”

मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी सुरक्षाबल की तैनाती

अयोध्या को जानेवाली सड़के जो पड़ोस के गोंडा, बाराबंकी, बस्ती, सुलतानपुर, अंबेडकर नगर, राय बरेली जिलों से होकर गुजरती है, वहां पर बड़ी तादाद में मुस्लिम रहते हैं। एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि सभी जिलों के एसपी को यह निर्देश दिया गया है कि वह साम्प्रदायिक तौर पर संवेदनशील इलाकों और अल्पसंख्य बाहुल्य क्षेत्र में अतिरिक्त बलों की तैनाती करें।उन्होंने कहा कि पुलिस से कहा गया है कि वह शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के वीएचपी रैलियों पर निगरानी रखे और जो भी कानून को अपने हाथ में लेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उधर, इकबाल अंसारी ने अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की धर्मसभा के मद्देनजर किये गये सुरक्षा प्रबन्धों पर संतोष जाहिर किया, मगर निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ जमा करने की मंशा पर सवाल भी उठाए। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग तेज करने के लिये शिवसेना और विहिप ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किये हैं। इसके लिये अयोध्या में सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किये गये हैं। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिये ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।अयोध्या मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी ने सुरक्षा प्रबन्धों पर संतोष जाहिर किया, मगर कहा कि अगर किसी को मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर कोई बात कहनी है तो उसे दिल्ली या लखनऊ जाना चाहिए। अंसारी ने अयोध्या में धर्म सभा के नाम पर भीड़ जमा करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा उन्हें विधान भवन या संसद का घेराव करना चाहिये और अयोध्या के लोगों को सुकून से रहने देना चाहिए।उन्होंने अयोध्या में सुरक्षा बंदोबस्त करने के लिये प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरीफ की और कहा कि वह सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से संतुष्ट हैं। मालूम हो कि विश्व हिन्दू परिषद की धर्म सभा से एक दिन पहले अयोध्या को सुरक्षाबलों ने किले में तब्दील कर दिया है। बड़ी तादाद में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाये गये हैं। अयोध्या में शांति सुनिश्चित करने के लिए एक अपर पुलिस महानिदेशक, एक पुलिस उप महानिरीक्षक, तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दस अपर पुलिस अधीक्षक, 21 पुलिस उपाधीक्षक, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, 42 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएएफ, एटीएस कमांडो और ड्रोन तैनात किये गये हैं।

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