मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: कुवैत की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कई देशों में अलर्ट
कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी में धमाके के बाद आग, भारी नुकसान की आशंका
इजरायल, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में हाई अलर्ट, कई ड्रोन मार गिराए गए

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव के बीच अब खाड़ी देशों तक इसका असर दिखने लगा है।
शुक्रवार सुबह कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया गया, जिससे रिफाइनरी की कई यूनिट्स में भीषण आग लग गई। कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी कुवैत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के अनुसार, हमले के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया, जो आग बुझाने में जुटी हैं।इस हमले के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि यह रिफाइनरी कुवैत के सबसे बड़े तेल प्रोसेसिंग केंद्रों में से एक है।उधर सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने ईरान के पांच ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया है। वहीं तेल अवीव में सायरन बज रहे हैं और लोगों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। इजरायली सेना ने बताया कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए सक्रिय है।इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ट ट्रंप की हालिया चेतावनियों को भी अहम माना जा रहा है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।ईरान ने दावा किया है कि उसने अपने हालिया हमलों में यूनाइटेड अरब अमीरात बहरीन और इजरायल में स्थित ठिकानों को निशाना बनाया है। ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए हमलों के जवाब में किए गए बताए जा रहे हैं।स्थिति को देखते हुए पूरे मिडिल ईस्ट में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।

