उड़ानें रद्द ,महंगे किराए पर प्रवासी भारतीय का घर लौटना मुश्किल ,कई शादी की हटाई जा रही तारीख
रद्द फ्लाइट और अनिश्चित शेड्यूल से कई बार टिकट कराकर भी नहीं मिल पा रही घर वापसी,एक लाख तक पहुंचा हवाई किराया शादी और पारिवारिक कार्यक्रम भी हो रहे प्रभावित

फाइल फोटो-महफूज शाहनवाज नफीस खान
अयोध्या : खाड़ी देशों में बने युद्ध जैसे हालात ने प्रवासी भारतीयों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कतर, कुवैत, बहरीन समेत कई देशों में उड़ान सेवाएं प्रभावित होने से भारत लौटना चुनौती बन गया है। हालात यह हैं कि जिन्हें किसी भी हाल में घर आना है, वे पहले अपनी टिकट रद्द कर दूसरे देशों का वीजा बनवा रहे हैं और फिर चार से पांच गुना महंगे किराये पर फ्लाइट पकड़ने को मजबूर हैं।
मवई-रुदौली क्षेत्र के कई प्रवासी छुट्टी पूरी होने के बाद भी विदेशों में फंसे हैं। दुबई से 23 मार्च को लौटे नरौली गांव निवासी गौस मोहम्मद और शान मोहम्मद ने बताया कि वहां आम नागरिक सुरक्षित हैं, लेकिन उड़ानों का लगातार रद्द होना सबसे बड़ी समस्या है। दोनों ने दो बार टिकट कराया, लेकिन फ्लाइट रद्द हो गई और तीसरी कोशिश में घर पहुंच सके।सऊदी अरब से लौटे रानीमऊ निवासी महफूज के मुताबिक भारत आने के लिए इस समय एक-एक लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।उन्होंने बताया कि बिना भोजन-पानी वाली फ्लाइट से आने पर भी 55 हजार रुपये खर्च हो गए। वहीं जैसुखपुर निवासी शाहनवाज का कहना है कि शादी का मौसम होने के बावजूद लोग भारी किराये और उड़ान की अनिश्चितता के कारण घर नहीं आ पा रहे हैं।सेवढारा निवासी नफीस खान ने बताया कि टिकट लेने के बाद भी 12 घंटे पहले तक यह तय नहीं होता कि फ्लाइट चलेगी या नहीं। रुदौली निवासी शाकिब ने कहा कि वहां सुविधाएं तो मिल रही हैं, लेकिन जंग जैसे हालात के कारण घर लौटना बेहद कठिन हो गया है।लोगों का कहना है कि वैश्विक तनाव ने प्रवासी भारतीयों की राह मुश्किल कर दी है। उड़ान संकट और महंगे किराये ने उनकी जेब पर भारी बोझ डालते हुए पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी प्रभावित किया है।
युद्ध की मार से टूटी शादियां उड़ानें बंद होने से घर नहीं लौट पा रहे प्रवासी
रुदौली ! अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ नजर आने लगा है।कई देशों की उड़ान सेवाएं बाधित होने से लोग छुट्टी पूरी होने के बावजूद वापस नहीं आ पा रहे हैं।इसका सीधा असर शादी-विवाह जैसे पारिवारिक आयोजनों पर पड़ रहा है। सैकड़ों परिवारों में तय कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं और कई जगहों पर शादी की तारीख तक बढ़ानी पड़ रही है।ऐसा ही एक मामला पटरंगा थाना क्षेत्र के बहोरिकपुर गांव का सामने आया है। यहां निवासी हाफिज मो. जाहिद पुत्र शाकिर अली की शादी गांव की ही एक अनाथ युवती से 30 मार्च को तय थी। युवती के पिता मरहूम लाल मोहम्मद का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि मां का भी तीन महीने पहले देहांत हो गया। ऐसे में यह शादी उसके जीवन का बड़ा सहारा बनने वाली थी।लेकिन हाफिज मो. जाहिद इस समय बहरीन में फंसे हुए हैं और उड़ान सेवाएं बंद होने के कारण वह भारत नहीं आ पा रहे हैं। मजबूरी में शादी को रद्द करना पड़ा, जिससे दोनों परिवारों में मायूसी छा गई है।परिजनों का कहना है कि यदि जल्द उड़ान सेवाएं बहाल नहीं हुईं तो ऐसे कई और परिवार प्रभावित होंगे। वैश्विक तनाव का यह असर अब सीधे आम लोगों की खुशियों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।

