न्याय की राह में टूट गई एक जिंदगी: सोहेल की मौत ने सिस्टम पर उठाए बड़े सवाल, पिता हग्गन की लड़ाई बेनतीजा
अयोध्या/बाराबंकी ! जिंदगी और न्याय की लंबी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार एक पिता हार गया। लोगों को हंसाने वाले मशहूर कॉमेडियन हग्गन के घर आज सन्नाटा और मातम पसरा है। उनका बेटा सोहेल अब इस दुनिया में नहीं रहा। उपचार के दौरान लखनऊ स्थित मेयो अस्पताल में उसकी मौत हो गई, और इसके साथ ही एक परिवार की उम्मीदें भी दम तोड़ गईं।
हग्गन ने एक माह पहले ही इनायतनगर और पटरंगा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि पुलिस उनके बेटे को घर से उठाकर ले गई, चौकी पर बेरहमी से पिटाई की।उनका दावा था कि इसी मारपीट से सोहेल का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और घर पहुंचने के बाद उसने फांसी लगी , गलीमत रहा कि गांव वालों ने देख लिया और उसे फांसी के फंदे से उतारकर हिन्द अस्पताल में भर्ती कराया।हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लखनऊ स्थित मेयो हास्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया।जहां उपचार के दौरान उसने अंतिम सांस ली।बेटे को बचाने और न्याय पाने के लिए हग्गन ने हर दरवाजा खटखटाया। सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई और यहां तक कि अधिवक्ता आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह व अन्य सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई और सबने आवाज भी उठाई,लेकिन न कोई सुनवाई हुई, न कोई राहत मिली।दूसरी ओर संबंधित पुलिस की ओर से पहले ही आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया था कि ऐसा कोई मामला नहीं हुआ है।समय बीतता गया, हालात बिगड़ते गए और आखिरकार सोहेल जिंदगी की जंग हार गया।अब यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल बनकर खड़ी है।क्या एक पिता की पुकार यूं ही अनसुनी रह जाएगी..? क्या सोहेल की मौत को कभी न्याय मिल पाएगा..?हग्गन की करुण आवाज आज भी गूंज रही है-“हमारे चाहने वाले हमें न्याय दिलाऐं..!”

