यूजीसी नियमों के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन , ब्राह्मण महासंघ के कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक

नई दिल्ली : यूजीसी के कथित नए नियमों के विरोध में रविवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के कार्यकर्ता दिल्ली की सड़कों पर उतर आए। संगठन के कई बड़े नेताओं की गिरफ्तारी और हाउस अरेस्ट के बावजूद बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के युवा रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के बाद प्रदर्शनकारियों की पुलिस जवानों से कहासुनी भी हुई। वहीं रामलीला मैदान में भी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर वहां से हटाया। सुरक्षा बलों का कहना था कि रविवार को इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, इसके बावजूद हजारों लोग मौके पर पहुंच गए।अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गोविंद कुलकर्णी ने कहा कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए जो सभी समाज और वर्गों के हितों की रक्षा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि नियम-कानून की आड़ में सामान्य वर्ग का लगातार उत्पीड़न हो रहा है और अब कॉलेज स्तर पर भी छात्रों को प्रताड़ित करने की तैयारी की जा रही है।अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल से नहीं है, लेकिन यदि यूजीसी के नियम वापस नहीं लिए गए तो सामान्य वर्ग के लोग चुनावों के बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे।प्रदर्शन में डॉ. गोविंद कुलकर्णी, गजानंद शर्मा, शुभम तिवारी, डॉ. गणेश मिश्रा, नीरज शर्मा, मनोज पंडित, करुणा शंकर त्रिवेदी, नरेश शर्मा, विलास कौशल, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

