अयोध्या : रुदौली में 2027 के सियासी शतरंज पर रुश्दी मियां की जोरदार वापसी की आहट तेज
तीन दशक का अनुभव, तेज होती जमीनी सक्रियता और मजबूत सामाजिक समीकरण,क्या 2027 में रुदौली से फिर चलेगा रुश्दी मियाँ का राजनीतिक जादू..?

रुदौली, अयोध्या : जिले की रुदौली विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। पूरे क्षेत्र में इस समय जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है सैय्यद अब्बास अली जैदी उर्फ रुश्दी मियाँ। समाजवादी पार्टी से संभावित प्रत्याशी के तौर पर उनकी दावेदारी को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी ने अभी औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन जमीनी हलचल बहुत कुछ संकेत दे रही है।रुश्दी मियाँ का राजनीतिक अनुभव तीन दशक से अधिक पुराना है।वे समाजवादी पार्टी से रुदौली विधायक रह चुके हैं और सपा की प्रदेश सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। यही कारण है कि उन्हें क्षेत्र की प्रशासनिक संरचना, सामाजिक ताने-बाने और चुनावी गणित की गहरी समझ रखने वाला नेता माना जाता है।

2022 के विधानसभा चुनाव में भले ही जीत उनसे दूर रही, लेकिन उनका मजबूत वोट शेयर यह बताने के लिए काफी था कि आज भी उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है।पिछले एक वर्ष से उन्होंने क्षेत्र में अपनी सक्रियता उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दी है। किसी भी हादसे, बीमारी या स्वाभाविक मृत्यु की सूचना मिलते ही वे अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंच रहे हैं।प्रतिदिन दर्जन भर से अधिक गांव में संपर्क अभियान, बाजारों में नियमित संवाद और सामाजिक आयोजनों में उपस्थिति ने उन्हें फिर से जन-जन के बीच स्थापित किया है। समर्थकों का दावा है कि यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है,इसके अलावा व्यक्तिगत संबंध और सुलभ नेतृत्व।राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो रुदौली में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में माने जाते हैं।

इसके साथ ही यादव वोट समाजवादी पार्टी का परंपरागत आधार है।यदि मुस्लिम-यादव समीकरण मजबूती से एकजुट होता है और ओबीसी वर्ग का एक हिस्सा साथ आता है, तो चुनावी मुकाबला पूरी तरह बदल सकता है।

स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि रुश्दी मियाँ की पुरानी संगठनात्मक पकड़ और बूथ स्तर तक सक्रिय नेटवर्क उन्हें अन्य संभावित दावेदारों से आगे खड़ा करता है,क्योंकि रुश्दी मियां का सभी समुदायों व जातियों में एक मजबूत पकड़ है।मुस्लिम यादव के अलावा ब्राह्मण पासी ठाकुर निषाद लोधी विरादरी के बीच भी इनकी मजबूत पैठ है।वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में जहां क्षेत्रीय मुद्दे, स्थानीय नेतृत्व और सामाजिक संतुलन अहम हो गए हैं,वहां रुश्दी मियाँ की सक्रियता अनुभव व उनके सहनशीलता मधुरवासी व्यक्तित्व से उन्हें और मजबूत दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं।

अब सबकी निगाहें समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण पर टिकी हैं। यदि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया, तो रुदौली का चुनाव 2027 में बेहद रोचक और कड़ा होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।


