धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए अवतरित श्रीकृष्ण-कथा व्यास
पौराणिक तपोभूमि में आयोजित नंदोत्सव की उमंग में झूमे श्रद्धालु,मवई ब्लॉक के बघेडी गांव समीप चल रही सवा महिने की श्रीमद्भागवत कथा

मवई ,अयोधया ! मवई ब्लॉक अंतर्गत नौरोजपुर बघेड़ी के घने जंगलों में स्थित बूढ़े बाबा की प्राचीन तपोस्थली पर चल रहे सवा महीने के श्रीमद्भागवत कथा एवं महायज्ञ के अंतर्गत शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म एवं नंदोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया। हरिद्वार से पधारे सुप्रसिद्ध कथा प्रवर राम मनोहर तिवारी महाराज ने श्रीमद्भागवत पुराण के शास्त्र सम्मत प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।कथाव्यास ने बताया कि भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कंस की कारागार में वासुदेव-देवकी के यहां भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिया।

धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए अवतरित श्रीकृष्ण का पालन-पोषण नंद बाबा के घर गोकुल में हुआ, इसी कारण नंदगांव में जन्मोत्सव और नंदोत्सव की परंपरा उल्लासपूर्वक मनाई जाती है। उन्होंने कंस वध और माता-पिता की कारागार से मुक्ति का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया।जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का वर्णन हुआ, कथा स्थल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया और विशेष प्रसाद का वितरण हुआ।कार्यक्रम के यजमान बूढ़े बाबा कुटिया के पुजारी रामदास जी महाराज रहे।इस कार्यक्रम के आयोजन में राकेश यादव संदीप यादव भानु प्रताप यादव लवकुश यादव चंद्रपाल देवतादीन समर बहादुर सिंह रामानंद पवन पाल शिव नारायण महेंद्र मिश्रा आदि सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

